Home Chandigarh विकास के हर क्षेत्र में अग्रणी है बेटियां : आचार्य देवव्रत

विकास के हर क्षेत्र में अग्रणी है बेटियां : आचार्य देवव्रत

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दैनिक हिन्दी समाचार पत्र अमर उजाला द्वारा आयोजित महिला सशक्तिकरण को लेकर आयोजित कार्यक्रम ‘अपराजिता’

मण्डी जिले के नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय में हुआ कार्यक्रम

जनवक्ता ब्यूरो मण्डी
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के विकास में राज्य की महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक है और विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी इस बात को दर्शाती है। राज्य में बेटियों विकास के हर क्षेत्र में अग्रणी हैं, जो देश में अन्यों के लिए प्रेरणा है।
राज्यपाल आज मण्डी जिले के नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय में दैनिक हिन्दी समाचार पत्र अमर उजाला द्वारा आयोजित महिला सशक्तिकरण को लेकर आयोजित कार्यक्रम ‘अपराजिता’ में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
आचार्य देवव्रत ने कहा कि आज भारत की बेटियों ने अपना रास्ता स्वयं बना लिया है और वह विकास के हर क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। शिक्षा हो या फिर खेल का क्षेत्र, बेटियां अग्रणी स्थान हासिल कर रही हैं। वह सशक्तिकरण का परिचय स्वयं दे रही हैं। उन्होंने कहा कि वैदिक काल में नारी और पुरुष में कोई भेद नहीं था और सशक्त नारी के अनेक संदर्भ मिलते हैं। उस काल में नारी को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का अधिकार था। लेकिन, मध्यकाल में विदेशी अक्रांताओं के कारण सामाजिक कुरीतियों ने जन्म लिया और रूढ़ीवादी सोच के कारण बेटियों से पढ़ने से वंचित किया गया और उन्हें पर्दे में रखे जाने लगा। उन्होंने कहा कि इस दौर में भी स्वामी दयानंद सरस्वती, राजाराम मोहन राय व श्रद्धानंद जैसे समाज सुधारकों ने नारी उत्थान का कार्य किया और समाज को दिशा दी। इसके परिणामस्वरूप आज स्थिति बिलकुल भिन्न है और नारी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है।
राज्यपाल ने प्रदेश सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा उठाए गए

विभिन्न कदमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के तौर पर उन्होंने प्रदेश में सामाजिक सरोकार के अनेक विषयों पर अभ्यिन आरम्भ किया, जिसमें नशामुक्त हिमाचल और प्राकृतिक कृषि प्रमुख है। उन्होंने वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा दोनों अभियानों को आगे बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने समाचार पत्र द्वारा इस दिशा में देश भर में चलाये जा रहे नारी सशक्तिकरण के इस अभियान की प्रशंसा की और इसके लिए समूह को बधाई दी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री विपिन परमार ने इस अवसर पर कहा कि देश भर में अपराजिता के नाम से मुहिम चल रही है, जिसमें हिमाचल भी पीछे नहीं है। उन्होंने कहा कि हिमाचल महिला सशक्तिकरण में हमेशा आगे रहा है। महिलाओं को पंचायती राज संस्थाओं में आरक्षण की पहल सबसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री श्री शांता कुमार ने वर्ष 1990 में की थी। इसके पश्चात्, भाजपा सरकारों में रक्षा बंधन, भैया दूज और करवाचौथ पर महिलाओं को विशेष अवकाश तथा मुफ्त यात्रा सुविधा प्रदान की गई। वर्तमान प्रदेश सरकार ने गुड़िया बोर्ड व अन्य अन्य कार्यक्रम आरम्भ कर महिला सशक्तिकरण को आगे बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भी अनेक ऐसी योजनाएं आरम्भ की गई हैं, जिनसे महिला वर्ग को लाभ मिलेगा। इनमें आयुष्मान योजना, हिम केयर, प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृवंदन योजना, मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना एवं मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना इत्यादि शामिल हैं।
इससे पूर्व, अमर उजाला के संपादक राकेश भट्ट ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा समाचार पत्र समूह द्वारा आरम्भ की गई अपराजिता अभियान की विस्तृत जानकारी दी।
बल्ह के विधायक इंद्र सिंह गांधी, मंडी जिला परिषद की अध्यक्षा सरला ठाकुर, हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड की निदेशक प्रियंता शर्मा, उपायुक्त मण्डी ऋग्वेद ठाकुर, लाल बहादुर शास्त्री राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय नेरचौक के प्रधानाचार्य रजनीश पठानिया, अमर उजाला के यूनिट हैड धीरज रोमन, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, विभिन्न महिला मंडल एवं सहायक समूहों के पदाधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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