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राष्ट्रपति ने हि.प्र. विश्वविद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों को प्रदान किए स्वर्ण पदक

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हि.प्र. विश्वविद्यालय का 24वां दीक्षांत समारोह आयोजित

विवेक अग्रवाल शिमला
भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने आज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में आयोजित 24वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरक्त की। राष्ट्रपति ने विश्वविद्यालय के 11 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए। राष्ट्रपति ने पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी तथा उनके खुशहाल एवं उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने दीपिका शर्मा, किरण शर्मा, शीतल वर्मा, रेणु देवी, साक्षी, शैलजा ठाकुर, चिंता देवी, अक्षिता ठाकुर, कृतिका शर्मा तथा अर्चा को स्वर्ण पदक प्रदान किए। उन्होंने अक्षय कुमार को पीएचडी की डिग्री भी प्रदान की।
इस अवसर पर मेधावी छात्रां को 230 स्वर्ण पदक तथा 180 पीएचडी की डिग्रियां प्रदान की गई।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने 24वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रपति का स्वागत किया और कहा कि भारत की भूमि ‘विश्वगुरू’ के नाम से जानी जाती है, जहां विश्व भर से विद्यार्थी प्रख्यात शिक्षा केन्द्रों, नालंदा तथा तक्षशिला में शिक्षा ग्रहण करने आते थे। उन्होंने कहा कि हमारे देश में ज्ञान के साथ-साथ चरित्र निर्माण पर भी बल दिया जाता है, ताकि विपरीत परिस्थितियों और चुनौतियों के बीच व्यक्ति को जीवन के किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल करने में कोई मुश्किल न आए।


उन्होंने कहा कि समाज में लोगों की नैतिकता में आई गिरावट पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने कहा कि ‘शिक्षक, पुलिस तथा राजनीतिज्ञ’ समाज के तीन महत्वपूर्ण अंग हैं तथा इन तीनों को अधिक ईमानदारी से काम करना पड़ेगा तभी समाज में स्थाई सुधार आ पाएगा। उन्होंने कहा कि समाज को सही दिशा में ले जाना हमारी जिम्मेदारी है तथा हमारी सोच और चिंतन राष्ट्रवादी होनी चाहिए, तभी हम आगे बढ़ सकते हैं।
डिग्री प्राप्त करने वाले विद्याथियों एवं उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह की अवधारणा हम सबके लिए कोई नई नहीं है। पूर्व में भी भारत में शिक्षा ग्रहण करने के बाद शिक्षक अपने शिष्यों को समाज में ईमानदारी व प्रतिबद्धता से कार्य करने के लिए कहते थे। उन्होंने कहा कि हमारी जिम्मेदारी है कि हम समाज के लिए योगदान करें। उन्होंने पदक व डिग्री धारकों से आग्रह किया कि वे अपने अभिभावकों एवं शिक्षकों का सम्मान करें, जिनका उनके जीवन में बहुत बड़ा योगदान है।
उन्होंने शिक्षकों को विद्यार्थियों में आदर्श विचार देने के अतिरिक्त राष्ट्रवाद तथा

जीवन की गुणवत्ता पर बल देने का भी आह्वान किया।
इसके उपरान्त, राज्यपाल ने इस अवसर पर 180 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान कीं।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में मौजूद अधोसंरचना को सुदृढ़ करके विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हिमाचल प्रदेश को ‘शिक्षा हब’ बनाने का है।
जय राम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय देश का एक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान है, जिससे निकले विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ठ सेवाएं दे रहे हैं तथा राष्ट्र निर्माण में अपना सहयोग दे रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने शिक्षकों व अभिभावकों का सम्मान करें, क्योंकि वे जीवन में जो कुछ भी हासिल करेंगे, उसमें उनका महत्वपूर्ण योगदान है।


मुख्यमंत्री ने अतीत में जाते हुए अपने विद्यार्थी जीवन को याद करते हुए कहा कि उन्होंने इसी सभागार में एक नाट्क में भाग लिया था। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को जीवन भर सीखते रहना चाहिए तभी व्यक्ति अपने जीवन में उन्नति कर पाता है। उन्होंने कहा कि नशाखोरी समाज के लिए एक प्रमुख खतरे के रूप में उभरी है। उन्होंने युवाओं का इस बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए आगे आने का आह्वान किया, जिससे समाज को नशामुक्त बनाया जा सके।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सिकन्दर कुमार ने इस अवसर पर राष्ट्रपति, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रियों तथा अन्य उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के लिए यह एक ऐतिहासिक दिन है, जब देश के राष्ट्रपति ने विश्वविद्यालय के24वें दीक्षांत समारोह में भाग लिया है। उन्होंने विश्वविद्यालय के इतिहास को भी संक्षिप्त रूप से प्रस्तुत किया।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. जे.एस. नेगी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
दीक्षांत समारोह की शुरूआत एक आकर्षक अकादमिक जुलूस के प्रवेश के साथ हुई।
राष्ट्रपति की धर्मपत्नी सविता कोविंद, शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री किशन कपूर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल, विधायकगण, मुख्य सचेतक नरेन्द्र बरागटा, सांसद वीरेन्द्र कश्यप, विधायक कर्नल डॉ. धनी राम शांडिल, बलवीर वर्मा, राकेश सिंघा, किशोरी लाल, विक्रमादित्य सिंह, नगर निगम शिमला की महापौर कुसुम सदरेट, हिमाचल जल प्रबन्धन बोर्ड के उपाध्यक्ष दर्शन सैनी, महासचिव बाल कल्याण परिषद पायल वैद्य, उपाध्यक्ष सक्षम गुडिया बोर्ड रूपा शर्मा, मुख्य सचिव बी.के. अग्रवाल, पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरडी, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के उपकुलपति प्रो. राजेन्द्र सिंह चौहान, प्रोफेसर, डीन, विभागाध्यक्षों सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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