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मेरा मन आज ज्याेदा बोलने का है : नरेंद्र मोदी

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भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

जनवक्ता डेस्क बिलासपुर
रामलीला मैदान में भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में चुटकी लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेरा मन आज ज्यारदा बोलने का है। उन्हों ने कहा कि कभी दो कमरों से चलने वाली पार्टी, दो सांसदों वाली पार्टी आज इस विशाल स्वरूप में अपना राष्ट्रीय अधिवेशन कर रही है जो अपने आप में अद्भुत और अविस्मरणीय है। यह राष्ट्रीय परिषद की पहली बैठक है जो अटलजी के बिना हो रही है। वो आज जहां से भी हमें देख रहे होंगे, उन्हें अपने बच्चों की इस ऊर्जा औ राष्ट्र के प्रति समर्पण को देखकर संतोष हो रहा होगा।अयोध्या विवाद पर पीएम मोदी बोले कि अयोध्या विषय में कांग्रेस अपने वकीलों के माध्यम से न्याय प्रक्रिया में बाधा पहुंचाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस नहीं चाहती की अयोध्या विषय का हल आए। कांग्रेस का ये रवैया किसी को भूलना नहीं चाहिए।

भाजपा सरकार के कार्यकाल ने ये साबित किया है कि देश बदल सकता है

भाजपा सरकार के कार्यकाल ने ये साबित किया है कि देश बदल सकता है और सामान्य नागरिक के हित में बदल सकता है। सरकार बगैर भ्रष्टाचार के भी चलाई जा सकती है। सत्ता के गलियारों में टलहने वाले दलालों को भी बाहर किया जा सकता है। क्या आप ऐसे सेवक को पसंद करेंगे जो आपके घर का पैसा चोरी करके अपने परिवार में बांटे? क्या आप चाहते हैं कि वो पड़ोसियों को आपके घर के अंदर की बात बताए? जैसे आप अपने घर का सेवक तय करते हैं वैसे ही तय कीजिए की देश को कैसा प्रधानसेवक चाहिए। संगठन के संस्कार से अगर हम तपे नहीं होते तो दूसरों की मीठी मीठी बातों से हम फिसल चुके होते। पार्टी परंपराओं को अपने जीवन में ढालकर, अनुशासन और लाखों कार्यकर्ताओं के तप व त्याग से आज हम यहां पहुंचे हैं। हमारे लिए जन सेवा ही प्रभु सेवा है। नर सेवा ही नारायण सेवा है। समता, ममता, समरसता, हमारे लिए सामाजिक न्याय की सीढ़ियां हैं। विकास, चौतरफा विकास, सबका साथ-सबका विकास ही हमारा लक्ष्य है।

गठबंधन की राजनीति पर कटाक्ष

गठबंधन की राजनीति पर कटाक्ष करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जो राजनीतिक दल एक जमाने में कांग्रेस के तौर तरीकों को सही नहीं मानते थे वो आज एकजुट हो रहे हैं। जब कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता जमानत पर हैं, तब ये दल कांग्रेस के सामने सरेंडर कर रहे हैं। ये देश के मतदाताओं को धोखा देने का प्रयास है। पीएम मोदी ने कहा, ‘ये सारे मिलकर अब देश में एक मजबूर सरकार बनाने में जुट गए हैं। वो नहीं चाहते कि देश में मजबूत सरकार बने और उनकी दुकान फिर बंद हो जाए । वो मजबूर सरकार चाहते हैं, ताकि भ्रष्टाचार कर सकें, हम मजबूत सरकार चाहते हैं, ताकि व्यवस्था में भ्रष्टाचार को खत्म कर सकें । वो मजबूर सरकार चाहते हैं, ताकि अपने परिवार का, अपने रिश्तेदारों का भला कर सकें। देश मजबूत सरकार चाहता है, ताकि सबका साथ-सबका विकास हो सके। वो मजबूर सरकार चाहते हैं, ताकि रक्षा सौदों में दलाली खाई जा सके। हम मजबूत सरकार चाहते हैं, ताकि देश की सेना की हर जरूरत को पूरा कर सकें। वो मजबूर सरकार चाहते है, ताकि किसानों की कर्जमाफी में भी घोटाला कर सकें। हम मजबूत सरकार चाहते हैं, ताकि देश के किसान को सशक्त कर सकें। वो मजबूर सरकार चाहते हैं, ताकि यूरिया घोटाला हो सके, चीनी घोटाला हो सके, हम मजबूत सरकार चाहते हैं, ताकि किसानों को समय पर खाद मिले, अपनी फसलों की उचित कीमत मिले वो मजबूर सरकार चाहते हैं ताकि फिर कॉमनवेल्थ जैसे घोटाले हो सकें। हम मजबूत सरकार चाहते हैं, ताकि अपने बच्चों को ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ खेल की दुनिया में आगे बढ़ा सकें, उन्हें आधुनिक सुविधाएं दे सकें वो मजबूर सरकार चाहते हैं, ताकि 2 जी जैसे घोटाले फिर हो सकें। हम मजबूत सरकार चाहते हैं, ताकि देश का हर व्यक्ति डिजिटल इंडिया मिशन का लाभ उठा सके।

कांग्रेस पर सीधा प्रहार

कांग्रेस पर सीधा प्रहार करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘2014 से पहले देश उस स्थिति में था जब बैंकों में अपना पैसे जमा करने वालों की कोई कद्र नहीं थी। जिनके पास जनता के पैसे की रक्षा की जिम्मेदारी थी, वो ही जनता का पैसा लुटा

रहे थे, कांग्रेस की सरकार में जनता का पैसा घोटालेबाजों को लोन के रूप में दिया जा रहा था। कांग्रेस के समय लोन लेने के दो तरीके थे। एक था कॉमन प्रोसेस और दूसरा कांग्रेस प्रोसेस। कॉमन प्रोसेस में आप बैंक से लोन मांगते थे और कांग्रेस प्रोसेस में बैंकों को कांग्रेस के घोटालेबाज मित्रों को लोन देने के लिए मजबूर किया जाता था। आजादी से लेकर 2008 तक 60 सालों में बैंकों ने मात्र 18 लाख करोड़ रुपये का लोन दिया था। लेकिन 2008 से 2014 तक ये आंकड़ा बढ़कर 52 लाख करोड़ हो गया यानि कांग्रेस के आखरी 6 साल में 34 लाख करोड़ के लोन दिए गए। हमने कांग्रेस प्रोसेस वाली लोन व्यवस्था पर लगाम लगाई है। इसका परिणाम है कि जहां पहले बैंकों का पैसा जा रहा था, वहीं अब बैंकों का पैसा वापस आ रहा है।’

बिना भ्रष्टाचार के भी चलाई जा सकती है सरकार

कांग्रेस पर तंज कसते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल ने ये साबित किया है कि सरकार बिना भ्रष्टाचार के भी चलाई जा सकती है और सत्ता के गलियारों में टलहने वाले दलालों को भी बाहर किया जा सकता है। भाजपा सरकार के कार्यकाल ने ये साबित किया है कि देश सामान्य नागरिक के हित में बदल सकता है। भाजपा की सरकार का मूलमंत्र है सबका साथ-सबका विकास और एक भारत-श्रेष्ठ भारत। जब हम एक भारत-श्रेष्ठ भारत की बात करते हैं तो उनमें क्षेत्रीय अस्मिताओं और आकांक्षाओं के लिए पूरा स्थान है। सामान्य श्रेणी के गरीब युवाओं को शिक्षा और सरकारी सेवाओं में 10% आरक्षण नए भारत के आत्मविश्वास को आगे बढ़ाने वाला है। ये सिर्फ आरक्षण नहीं है, बल्कि एक नया आयाम देने की कोशिश है।

आज के युवा को पता है कि उसकी आवाज सुनी जा रही है

उन्होंयने बताया कि पहले से जिनको आरक्षण की सुविधा मिल रही थी उनके हक को छेड़े बिना, छीने बिना भाजपा सरकार द्वारा सामान्य वर्ग को 10% आरक्षण का प्रावधान किया गया है। आज के युवा को पता है कि उसकी आवाज सुनी जा रही है। वह जानता है कि उसके देश की शान मजबूत हो रही है। वह जानता है कि देश की आर्थिक और सामरिक हैसियत मजबूत हो रही है।

देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ जब सरकार भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा

पीएम मोदी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ जब सरकार भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा है। हम सब इस बात पर गर्व कर सकते हैं। जो परिपाटी अटल जी हमारे लिए छोड़ गए हैं, उसे हमें मजबूत करना है। केंद्र में बीजेपी की सरकार और राज्यों में 16 राज्यों में हम सरकार चला रहे हैं या गठबंधन में हैं। देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ जब सरकार भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा है। हम सब इस बात पर गर्व कर सकते हैं। पहले की सरकार उसने देश को बहुत अंधेरे में धकेल दिया था। अगर मैं कहूं कि भारत में 2004-2014 के अहम दस साल घोटालों और भ्रष्टाचार के आरोपों में गंवा दिए तो गलत नहीं होगा। सरदार वल्लभ भाई पटेल देश के पहले पीएम बनते तो देश की तकदीर कुछ अलग होती।

जीएसटी अर्थव्यएवस्थाक के लिए उचित कदम

जीएसटी को अर्थव्यबवस्थाक के लिए उचित कदम बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद अगर सरदार बल्लभ भाई पटेल देश के पहले प्रधानमंत्री बनते तो देश की तस्वीर कुछ और ही होती, वैसे ही 2000 के चुनाव के बाद अगर अटल जी प्रधानमंत्री बने रहते तो आज भारत कहीं और होता। इतने सारे लोगों का स्वेच्छा से रियायतें छोड़ देना, उद्यमियों का जीएसटी से जुड़ते जाना और आयकर भरने वालों की संख्या में जुड़ते जाना.. यह इसलिए हो रहा है कि देश के निर्माण में हर कोई आगे आ रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े चार साल में भाजपा के नेतृत्व में जिस तरह हमारी सरकारें चली है, उससे जनमानस में यह भाव स्थापित हुआ है कि देश को ऊंचाई पर अगर कोई दल ले जा सकता है तो वह सिर्फ और सिर्फ भाजपा है। राष्ट्रीय परिषद में किसान, गरीब और वर्तमान राजनीति से जुड़े प्रस्ताव रखे गए हैं। हमारी कोशिश होनी चाहिए कि हमें इन प्रस्तावों में लिखी एक-एक बात याद हो। ये बातें घर-घर तक पहुंचनी चाहिए। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत भाजपा के गृहमंत्री राजनाथ सिंह, योगी आदित्यनाथ, अरुण जेटली समेत कई दिग्गज नेता शामिल हुए ।

(सीभार जेएनएन)

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