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‘मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है… गाकर रंग जमाने वाले विनोद अग्रवाल नहीं रहे

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मंगलवार की सुबह विनोद अग्रवाल ने यूपी के मथुरा में अंतिम सांस ली

जनवक्ता डेस्क बिलासपुर
‘मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है…’ जैसे भजन गाने वाले प्रसिद्ध गायक विनोद अग्रवाल अब इस दुनिया में नहीं रहे।
मंगलवार की सुबह विनोद अग्रवाल ने यूपी के मथुरा में अंतिम सांस ली। उन्हें सीने में दर्द के बाद एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां आज सुबह चार बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने बताया कि विनोद अग्रवाल की मौत मल्टिपल ऑर्गन फेल होने से हुई है।

वृंदावन में अपने परिवार के साथ रहने वाले विनोद अग्रवाल 63 साल के थे। रविवार को अचानक सीने में तेज दर्द हुआ। घरवालों ने उन्हें एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। यहां दो दिनों तक उनका इलाज चला, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। धीरे-धीरे उनके सभी अंगों ने काम करना बंद कर दिया। मंगलवार सुबह चार बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

विनोद अग्रवाल का जन्म दिल्ली में 6 जून, 1955 को हुआ था। 1962 में उनके माता-पिता मुंबई चले गए थे। विनोद ने 12 साल की उम्र से ही भजन गाना शुरू कर दिया था। उनके भजन सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी खूब पसंद किए जाते हैं। वह राधा और कृष्ण पर केंद्रित भजन ही गाते थे।

उन्होंने देश और विदेश में 1500 से ज्यादा लाइव परफॉर्मेंस भी दिए हैं। उनके कृष्ण भजन सिंगापुर, इटली, ब्रिटेन, स्विजरलैंड, फ्रांस, जर्मनी, कनाडा, आयरलैंड और दुबई जैसे देशों में भी खूब पसंद किए जाते थे।

जन्म 6 जून 1955 को दिल्ली में हुआ

श्री विनोद अग्रवाल जी का जन्म 6 जून 1955 को दिल्ली में हुआ था। उनके पिता स्वर्गीय श्री किशननंद अग्रवाल जी और मां स्वर्गीय श्रीमती रत्नदेवी अग्रवाल जी को भगवान कृष्ण

और राधा पर अटूट विश्वास था। 1962 में 7 साल की उम्र में माता-पिता और भाई-बहनों के साथ वह दिल्ली से मुंबई चले गए। केवल 12 वर्ष की आयु में उन्होंने भजन गायन आरम्भ किया और हार्मोनियम बजाना सीख लिया। 11 दिसंबर, 1975 में 20 वर्ष की आयु में श्री विनोद अग्रवाल जी का विवाह श्रीमती कुसूम लता जी से हो गया। उनके दो बच्चे भी है, बेटा जतिन और बेटी शिखा जिनकी अब शादी हो चुकी है।

परिवार में सभी कृष्णा के अनुयायी थे

श्री विनोद अग्रवाल जी के परिवार में सभी कृष्णा के अनुयायी थे, इसलिए बचपन से ही उन्हें भक्तिमय वातावरण मिला। उनके माता पिता ने भजन गाने के लिए प्रोत्साहित किया था। संतों और गुरुओं के सत्संग में उन्होंने अपनी इस कला को और निखारा।
संकीर्तन कार्यक्रम

सन 1978 से वह अपने बड़े भाई के कार्यालय में हर रविवार की सुबह हरि नाम संस्कार आयोजित कर रहे है। 1979 में उन्होंने भटिंडा, पंजाब के गुरु स्वर्गीय श्री मुकुंद हरि जी महाराज से दीक्षा ली। उनके गुरु की इच्छा थी, कि विनोद अग्रवाल जी सारी दुनिया में हरि नाम का प्रचार करे। अपने गुरु की इसी इच्छा को अपने जीवन का लक्ष्य बनाकर विनोद जी ने देश के अनेक राज्यों के विभिन्न शहरों में अनगिनत प्रस्तुतियां दी हैं। वह 1993 से बिना किसी शुल्क के लाइव कार्यक्रम भी आयोजित करते हैं। उन्हें लोगो का जितना प्यार मिला है उसका श्रेय वो अपने माता पिता तथा गुरु को देते हैं।

भारत में 1500 से अधिक लाइव कार्यक्रम

आज तक उन्होंने भारत में 1500 से अधिक लाइव कार्यक्रम और यू.के., इटली, सिंगापुर, स्विटजरलैंड, फ्रांस, कनाडा, जर्मनी, आयरलैंड, थाईलैंड, दुबई, नेपाल जैसे दुनिया के विभिन्न हिस्सों में कई सफल कार्यक्रम किये हैं। 115 से भी अधिक ऑडियो कैसेट, सीडी और वीसीडी भारत में कई शीर्ष ऑडियो कंपनियों द्वारा जारी की गई हैं, जो पूरे विश्व में फैली हैं।

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