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पत्रकार हत्या मामले में सीबीआई कोर्ट के निर्णय का किया स्वागत

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दोषियों को सजा मिलने से बढेगा चौथे स्तंभ का सम्मान : प्रदेशाध्यक्ष रणेश राणा

जनवक्ता ब्यूरो, बददी
एक पत्रकार की हत्या के मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख व उसके साथियों को सीबीआई द्वारा उम्रकैद की सजा सुनाए जाने पर हिमाचल प्रदेश के पत्रकारों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। प्रदेश के मीडिया जगत का कहना है कि सीबीआई अदालत के इस निर्णय से जहां लोगों की न्यायालय में और ज्यादा आस्था बढेगी वहीं सत्ता व धन बल के दम पर चौथे स्तंभ की आवाज दबाने वालों को भी गहरा सबक मिलेगा। शुक्रवार को यहां जारी प्रैस बयान में हिमाचल प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रणेश राणा, कार्यकारिणी सदस्य अश्विनी पंडित, सतीश बंसल, जिला बिलासपुर इकाई के प्रधान बंशीधर शर्मा, वरिष्ठ महामंत्री रितेश गुलेरिया, महामंत्री अनूप शर्मा, सुभाष ठाकुर, जिला सोलन प्रभारी सुरेदं्र अत्री, कार्यालय प्रभारी किशोर ठाकुर, प्रैस क्लब नालागढ़ प्रधान सलीम कुरैशी, प्रैस कलब बददी के प्रधान सुरेंद्र शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओमपाल ठाकुर, सचिन बैंसल, ऋषि ठाकुर, ऊना से अजय ठाकुर, किन्नौर से एमडी नेगी, कुनिहार से प्रदीप पुरी, देंवेंद्र तनवर आदि ने कहा कि सीबीआई अदालत के निर्णय से अब साबित हो

गया है कि डेरा प्रमुख ने ही पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या करवाई थी। पत्रकारों ने कहा कि सच को दबाने के लिए एक पत्रकार की हत्या की गई जो कि भारत के स्वस्थ लोकतंत्र पर एक काला धब्बा था।

जस्टिस ने क्या कहा था फैसले में

इस मामलेे में सजा सुनाने वाले सीबीआई विशेष अदालत के जस्टिस जगदीप सिंह ने अपने फैसले में कहा था कि एक मासूम नागरिक और एक आदर्शवादी निर्भीक पत्रकार की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी गई क्योंकि उसने किसी डेरा के ताकतवर प्रमुख की गतिविधियों के बारे में सच लिखने की हिम्मत दिखाई थी। आधुनिक देश में चौथे स्तंभ के तौर पर पहचाना जाने वाला मीडिया लोकतंत्र की निगरानी करता है। मीडिया बडे पैमाने पर आम राय की क्षमता को प्रभावित करने के कारण किसी व्यक्ति, संगठन या संस्था को बना या मिटा सकता है। पत्रकारिता बहुत ही गंभीर कारोबार है। इससे जुडे लोग समाज, देश व दुनिया की बेहतरी के लिए सच को खंगालकर रिपोर्ट पेश करते हैं। इस पेशे में मामूली ग्लैमर है। इसके एवज में पत्रकारों को कुछ खास हासिल भी नहीं होता। पारंपरिक तौर पर यह गंभीर संवेदना के साथ जनसेवा का काम है। दोषियों ने पत्रकार की हत्या कर एक जघन्य व घृणित अपराध किया है।

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