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गौशालाओं में पशुओं की क्षमता को बढ़ाने व काऊ सैंचुरी निर्माण पर किया जा रहा मंथन- वीरेन्द्र कंवर

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बेसहारा पशुओं को आश्रय देने के लिए सभी वर्गों के सहयोग की नितांत आवश्यकता

जनवक्ता डेस्क बिलासपुर

प्रदेश में बेसहारा पशुओं की समस्या अत्यंत गंभीर है इसके निवारण के लिए सभी वर्गो के सहयोग की नितांत आवश्यकता है। वर्तमान में चल गौशालाओं में क्षमता को बढ़ाने के संभावनाओं तलाशने के अतिरिक्त नए गौशालाएं व काऊ सैंचुरी बनाने के लिए भूमि चयन की प्रक्रियाओं में तेजी लाई जानी आवश्यक है। यह उद्गार ग्रामीण विकास पंचायती राज, पशुपालन एवं मत्स्य मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने श्री नैना देवी जी के मातृ आंचल के सभागार में अधिकारियों के साथ जिला की विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों के बारे में चर्चा करते हुए प्रकट किए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में चलाई जा रही गौशालाओं में अतिरिक्त 50 -से 100 पशुओं को रखने की क्षमता की संभावना को बनाने के लिए शैड व फैंसिग की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इन गौशालाओं और

काऊ सैंचुरी में पीने के पानी के लिए वन सरोबरों, चैकडैमो और आश्रय के लिए साधारण शैड निर्माण की दिशा में कार्य करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने सम्बन्धि विभागों के अधिकारियों को दिशा निर्देश देते हुए कहा कि गौशालाओं में पेयजल और विद्युत व्यवस्था की आवश्यक सुविधाएं तथा सर्वे करवाकर चैकडैम व वनसरोबर बनाने के लिए उपयुक्त कार्यवाही अमल में लाएं। उन्होंने कहा कि जिला की शुष्क भौगोलिक स्थिति के चलते चैकडैम व वनसरोबर जलस्तर को बढ़ाने व पशुओं को पीने के लिए जल की उपलब्धता में कारगर सिद्ध होंगे।उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए अधिक से अधिक स्वरोजगार के साधन उपलब्ध करवाने के लिए कृषि, बागवानी, मत्स्य, पशुपालन व सेरी कल्चर विभाग अपनी अहम भूमिका का निर्वहन कर सकते हैं। उन्होंने सम्बन्धित विभागों को ज्यादा से ज्यादा सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए ग्रामीण स्तर तक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए ताकि इन योजनाओं के बारे जागरूक होकर युवा व बेरोजगार स्वरोजगार की ओर अग्रसर हो सकें तथा हर पात्र व्यक्ति इन योजनाओं से लाभान्वित हो सकें।

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